Raja

Raja

आज ना जाने क्यूँ मेरा ह्रदय उद्वेलित हो रहा है. मन ही मन किसी को मैं शायद खोज रहा हूँ. शायद… शायद… नहीं, ठीक से कुछ याद नहीं आ रहा है. बस कुछ धुंधली सी तस्वीरें मेरे जहन में कौंध रही हैं. उन तस्वीरों को अपने मानस पटल से समेटने की कोशिश करते करते मैं कब नींद के आगोश में खो गया पता ही नहीं चला.